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IIT BHU में सामूहिक दुष्कर्म का मामला : FIR दर्ज करने वाले मुंशी को अदालत ने किया तलब, डॉक्टर का भी बयान दर्ज

Thu, 23 Jan 2025 09:17 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में वाराणसी कोर्ट में गुरुवार को डाॅक्टर का बयान दर्ज किया गया। अब इस मामले में लंका थाने के मुंशी को भी 27 जनवरी को कोर्ट बुलाया गया है।
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Varanasi court - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी-बीएचयू की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता छात्रा का प्राथमिक मेडिकल मुआयना करने वाले डॉ. हेमंत शर्मा का बयान गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में दर्ज किया गया। डाॅक्टर ने बयान में कहा कि छात्रा के शरीर और चेहरे पर चोटों के निशान थे। हाथ पर लालिमा थी।

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उन्हीं के रेफर करने पर छात्रा का अंदरूनी मेडिकल मुआयना मंडलीय अस्पताल की डॉ. अनामिका सिंह ने किया था। डॉ. अनामिका का बयान गत 17 जनवरी को कोर्ट में दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने अभियोजन कथानक का समर्थन करते हुए कहा था कि दुष्कर्म संबंधी हिंसा से इन्कार नहीं किया जा सकता है। 

डॉ. हेमंत शर्मा का बयान दर्ज किए जाने के बाद उनसे तीनों आरोपियों कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और आनंद चौहान उर्फ अभिषेक के अधिवक्ताओं ने जिरह की। अब अदालत ने एफआईआर दर्ज करने वाले लंका थाने के मुंशी को बयान दर्ज करने के लिए तलब करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 27 जनवरी नियत की है।

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डॉक्टर को पुलिस ने नहीं बनाया था गवाह
डॉ. हेमंत शर्मा को आरोप पत्र में पुलिस ने गवाह नहीं बनाया था। इस पर कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के अपने विशेषाधिकार के तहत प्राथमिक मेडिकल मुआयना करने वाले डॉ. हेमंत शर्मा को तलब किया था। इसके पहले पीड़िता छात्रा का भी बयान 22 अगस्त 2024 को दर्ज किया गया था। 

छात्रा ने अपने बयान में कहा था कि आईआईटी बीएचयू कैंपस में एक नवंबर 2023 की रात टहलने के दौरान उससे दरिंदगी की गई थी। उसको धमकाया गया था। इसके बाद तीनों आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल से भाग गए थे। फिलहाल छात्रा इंटर्नशिप के लिए बंगलूरू गई है। इसलिए उससे जिरह पूरी नहीं हो सकी है।
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