वाराणसी की एसटीएफ इकाई ने खुद को सूबेदार मेजर बताते हुए सेना में भर्ती कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने के आरोपी को बुधवार की शाम छावनी क्षेत्र स्थित मोटर ट्रेनिंग स्कूल के समीप धर दबोचा। आरोपी पंकज शर्मा मूलत: बिहार के भोजपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह सिगरा के शिवपुरवा में रहता था।
उसके पास से पुलिस ने सेना भर्ती के पांच फर्जी नियुक्ति पत्र, सेना की वर्दी, मोबाइल, मुहर, शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति, सेना का फर्जी मोनोग्राम लगी बाइक बरामद की। पूछताछ के बाद आरोपी को कैंट पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह के अनुसार सेना भर्ती के नाम पर बेरोजगार युवकों को झांसा देकर उनसे रुपये ऐंठने वाले गिरोह के बारे में सूचनाएं मिली थीं। एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद सिंह ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों की सुरागकशी की।
बुधवार की शाम सेना की वर्दी में गिरोह के एक सदस्य के छावनी क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। इंस्पेक्टर विपिन राय के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। आरोपी की शिनाख्त पंकज शर्मा के तौर पर हुई।
पंकज ने बताया कि सेना में भर्ती कराने के लिए वह प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये लेता था। दो युवकों को सौदेबाजी के लिए ही उसने छावनी क्षेत्र स्थित मोटर ट्रेनिंग स्कूल के समीप बुलाया था और खुद सूबेदार मेजर की वर्दी में वहां पहुंचा था। ताकि उन्हें किसी तरह का शक न हो लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।