सूचना मिली की सुल्तानपुर समेत वाराणसी के मुकदमे में वांछित मुकेश मिश्रा मनाली से ट्रेन से प्रयागराज स्टेशन आया है। वहां से निजी साधन से वाराणसी आने वाला है। इस पर रोहनिया थाने और एसटीएफ यूनिट की टीम ने मोहनसराय अंडरपास से मुकेश मिश्रा को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ के अनुसार, मुकेश मिश्रा, ड्रग माफिया देवेंद्र कुमार मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, संतोष कुमार झा, रामबाबू व अन्य के साथ मिलकर अंतरराज्यीय गिरोह बनाया। हिमाचल प्रदेश के डीलर तनु से मुकेश मिश्रा उर्फ श्याम माल खरीदता था और वाराणसी में मिठ्ठू नामक डिलिवरी बॉय से भेजकर भारी लाभ कमाता था।
चौक के नीलकंठ निवासी देवेंद्र मिश्रा व उसके भाई महेंद्र मिश्रा उर्फ छोटू मादक पदार्थ खरीदने के लिए तनु को कुछ पैसा ऑनलाइन व कुछ कैश डिलिवरी बॉय से भेजते थे। देवेंद्र मिश्रा व महेंद्र मिश्रा के जेल में जाने के बाद गिरोह का संचालन मुकेश कर रहा था। वह मोबाइल में फीड नंबरों के आधार पर मनाली के सप्लायर से मादक पदार्थ की डिलीवरी लेकर कस्टमरों को बेचता था। कुछ दिन पहले वह खुद मनाली गया था, किसी कारणवश सप्लायर से मुलाकात न होने के कारण वह लौट रहा था।
पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं गिरोह के अन्य तस्कर
28 जनवरी 2025 को एसटीएफ ने गिरोह के दो तस्करों संतोष कुमार झा निवासी गडबडुवाडी सुपौल बिहार और चितईपुर के कंदवा निवासी शिखा वर्मा को गिरफ्तार किया था। सुल्तानपुर थाने में केस दर्ज है। सरगना मुकेश मिश्रा, देवेंद्र कुमार मिश्रा व महेंद्र मिश्रा उर्फ छोटू समेत अन्य वांछित थे।
एक मार्च 2025 को गैंग के रामबाबू निवासी उस्मानपुरा जैतपुरा को रोहनिया से गिरफ्तार किया गया था। देवेंद्र व महेंद्र मिश्रा को 3 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर गैंगस्टर लगाकर उन्हें ड्रग माफिया घोषित किया गया है।