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Varanasi: मदरसों के बच्चों को नहीं आता राष्ट्रगान, न ही बैठने का तरीका; अंग्रेजी भी नहीं पढ़ाई जा रही

Fri, 19 Jan 2024 04:21 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने मदरसों के बच्चों को अंग्रेजी सिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मदरसों में भी बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाई जाए। साथ ही उन्हें राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत सिखाया जाए।
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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल ने कहा कि मदरसों के बच्चों को राष्ट्रगान नहीं आता। उन्हें उठने-बैठने का तरीका भी नहीं पता। मदरसों में बच्चों को अंग्रेजी भी नहीं पढ़ाई जा रही है। सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर रहीं आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए कि मदरसों में भी बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाई जाए। उन्हें राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत सिखाया जाए।

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उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति में शामिल बच्चों को चिह्नित करें और उन्हें उनके घर पहुंचाएं। यदि बच्चों के घरवाले उन्हें छुड़ाने में रुचि नहीं ले रहे हैं तो उन्हें बाल सुधार गृह भिजवाया जाए और किसी अच्छे विद्यालय में उनका दाखिला करा कर उन्हें पठन-पाठन से जोड़ा जाए। बालश्रम से रेस्क्यू किए गए बच्चों के पुनर्वासन पर नगर निगम प्रभावी कार्रवाई करे।

श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि 86 बच्चों को बाल श्रमिक विद्याधन योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 357 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक के पहले उन्होंने कमलगढ़ा स्थित जामिया अरबिया मतलउल उलूम मदरसे का निरीक्षण किया। बैठक में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय भी मौजूद रहीं।

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