कहा जाता है कि लंका का राजा रावण भी अपनी ज्योतिषगणना के लिए समय यहीं से लिया करता था। यही नहीं रावण ने यहां मां के मंदिर के पास शिवलिंग की स्थापना की थी, जिसे बिंदेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। यह आध्यात्मिक जगत के मानक समय का सूचक भी है। वर्तमान में यह स्थान एक पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित हो गया है।