संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश, परीक्षा, निर्माण मद से किसी तरह वेतन दिया जा रहा है तो वो भी आधा अधूरा। अब स्थिति यह है कि परीक्षा, निर्माण और प्रवेश आदि मद में पैसा खत्म हो गया है।
Sampurnanand Sanskrit Vishwavidyalaya: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वेतन मद में शासन से मिलने वाले 12 करोड़ रुपये पिछले पांच महीने से नहीं मिले हैं। लाख प्रयास के बाद भी विश्वविद्यालय को यह धनराशि नहीं मिल सकी है। इस वजह से शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन मिलना मुश्किल हो गया है।
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संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थायी और संविदा को मिलाकर 300 कर्मचारी और 70 से अधिक शिक्षक हैं। विश्वविद्यालय को शासन से केवल वेतन मद में हर साल पौने 31 करोड़ रुपये मिलते हैं।
इसी से शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। अब जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना बीतने के कगार पर है, ऐसे में इस वित्तीय वर्ष का भी पूरा पैसा विश्वविद्यालय को नहीं मिल सका है। होली को देख कर्मचारियों ने पिछले दिनों कुलपति से मिलकर वेतन दिलवाने की मांग की थी।
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कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का कहना है कि शासन से वेतन मद में मिलने वाली धनराशि जारी करने की मांग की गई है। धनराशि नहीं मिली तो परीक्षा, निर्माण मद के पैसे से किसी तरह होली के मद्देनजर कर्मचारियों को वेतन मद के कुछ अंश दिए गए हैं। अभी भी जीपीएफ, पेंशन मद की धनराशि नहीं दी जा साकी है। अगर शासन से बजट नहीं मिली तो परीक्षा, निर्माण आदि की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।