कुश्ती में वाराणसी के खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में कुश्ती के खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। राष्ट्रीय कुश्ती में नैपुरा अखाड़े के सौरभ और मुलायम ने पदक जीते हैं। इसके अलावा बीएचयू शिवाजी हॉल की बालिका खिलाड़ियों पायल और साक्षी ने भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत हासिल कर जिले का मान बढ़ाया।
वाराणसी कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव सिंह रानू ने बताया कि गंगा का कछार कुश्ती के लिए अनुकुल है। यहां से कई बड़े कुश्ती खिलाड़ी निकले हैं। कुश्ती संघ ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिता कराकर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए जिले में 32 दिनों में तीन प्रादेशिक प्रतियोगिता कराकर खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत करने का काम किया गया है।
नैपुरा अखाड़े के सौरभ यादव के बाद मुलायम यादव ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता है। मुलायम ने छत्तीसगढ़ में हुई प्रतियोगिता में रजत जबकि बीएचयू शिवाजी हॉल की खिलाड़ी पायल और साक्षी यादव ने कांस्य पदक जीता था। वाराणसी पहुंचने पर कुश्ती खिलाड़ियों का सम्मान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिवाजी हॉल में किया गया। विवि क्रीड़ा परिषद के सहायक निदेशक डॉ. हरी राम यादव ने बताया कि लगातार मैच होने से खिलाड़ियों को मिल रहा है।
सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम की बुकिंग खेल विभाग से लेकर निर्माण करने वाली निजी संस्था स्मार्ट सिटी को दे दी गई है। अब स्टेडियम में खेल मैदान में होने वाले आयोजनों की बुकिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी को शुल्क का भुगतान करना होगा। पिछले दो महीने से सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम और लालपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम की बुकिंग निजी संस्थान कर रहा है। जबकि सिगरा के फेज-1 के खेल सुविधाओं का संचालन खेल विभाग को कराना है।क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर खेल विभाग ने बुकिंग बंद कर दी है। पिछले दो महीने से स्टेडियम की बुकिंग स्मार्ट सिटी की ओर से की जा रही है। उन्होंने बताया स्टेडियम का संचालन प्रोत्साहन समिति करती है।
एक साल बार भी फेज-1 का हस्तांतरण नहीं
उद्घाटन के एक साल बीतने के बाद भी सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का हस्तांतरण नहीं है। खेल विभाग के स्टेडियम का जीर्णोद्धार स्मार्ट सिटी के जरिये एमएचपीएल ने कराया है। 66,782 स्कवायर मीटर एरिया में फैला सिगरा स्टेडियम 320 करोड़ रुपये की लागत से तीन फेज में बना है। फेज-2 और फेज-3 का हस्तांतरण भारतीय खेल प्राधिकरण को कर दिया गया है। फेज-1 में बहुमंजिला भवन, मल्टीपर्पज हॉल, इंडोर स्वीमिंग पूल, क्रिकेट और फुटबॉल मैदान, वॉलीबॉल के दो कोर्ट, टेबल टेनिस, मुक्केबाजी, कबड्डी, जूडो, जिमनास्टिक, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट हैं।
खेल विभाग और स्मार्ट सिटी के बीच अटके तैराक
अधिकारियों के निर्देश के बाद खेल विभाग ने तैराकी के खिलाड़ियों का मई का पंजीकरण रोक दिया है। खिलाड़ियों को तैराकी सीखने के लिए प्रतिमाह 300 रुपये शुल्क देना होता है। आरएसओ के अनुसार खेल विभाग को तैराकी का शुल्क लेने से रोका गया है। मई महीने से अबतक खिलाड़ी बिना शुल्क का भुगतान किए स्टेडियम में प्रवेश कर रहे हैं। जबकि दूसरे खेलों के खिलाड़ियों ने मई का शुल्क जमा कर खेल का प्रशिक्षण ले रहे हैं।