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रिंग रोड को रफ्तार देने की कवायद तेज

Wed, 05 Apr 2017 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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रिंग रोड - फोटो : Demo Pic.
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शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड योजना के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है। रिंग रोड का काम जल्द पूरा करने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल शुरू हो गई है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी इसको लेकर पहले ही सक्रिय हो गए थे। अधिकारी जिन गांवों में काम रुका हुआ है, वहां कार्यदायी संस्था और भारी भरकम फोर्स के साथ काम शुरू कराने पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के सामने नरम रुख अपनाया और मुआवजा राशि खाते में भेजने के बाद ही काम शुरू करने का आग्रह किया। 
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संदहा पहुंचे प्रशासनिक अमले और थानाध्यक्ष चौबेपुर ने किसानों से जानकारी की कि उनका मुआवजा उनके खाते में पहुंच गया है या नहीं। अगर नहीं पहुंचा है तो मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में जाकर पता कर लें। इस दौरान पन्ना, सुरेश, सुरेंद्र, कृपाशंकर, पत्तू, अशोक सिंह, कांता आदि ने अपनी समस्या रखी। संदहा के कुछ किसान सोमवार को एडीएम सिटी से मिले थे और काम शुरू कराने और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था।
 

बता दें कि रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा संदहा सहित लगभग दर्जनभर गांवों के कई किसानों के खातों में अब तक नहीं पहुंच सका है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद कैंप लगाकर किसानों को प्रतिकर भुगतान किया जा रहा है। कई किसान एसएलओ कार्यालय में भी मुआवजा लेने पहुंच रहे हैं। चार गुना मुआवजे के लिए वाजिदपुर, घमहापुर, सिकंदरपुर, प्रतापपट्टी, आशापुर, इदिलपुर सहित कुछ और गांव के लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र एनएचएआई को भेज दिया है।
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पुराने सर्किल रेट पर मुआवजे के खिलाफ किसानों के लगातार प्रदर्शन के कारण उन्हें चार गुने मुआवजा देने के लिए एनएचएआई ने हामी भर दी थी। कुछ किसान इस मामले को लेकर हाईकोर्ट गए। तीसरी बार किसानों ने जमीन अधिग्रहण को शून्य प्रभावी घोषित करने की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने किसानों की याचिका खारिज करते हुए अधिग्रहण को जायज करार दिया था।
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