बनारस में हुए चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे में तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों को जनसुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की इस सख्ती का असर शुरू हो गया है।
अब सेफ्टी आडिट और ट्रैफिक मैनेजमेंट के बाद ही फ्लाईओवर का काम शुरू कराया जाएगा। इसके लिए सेतु निगम विशेषज्ञों की मदद लेगा। बाहर से ब्रिज कंसल्टेंट बुलाए जाएंगे। जो यहां सेफ्टी आडिट कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
उनकी रिपोर्ट के आधार पर सेफ्टी-सिक्योरिटी के प्रबंधों को पूरी तरह पुख्ता कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। हादसे के बाद इन सभी बिंदुओं पर कार्य करने के लिए अपनी रिपोर्ट तैयार कर सेतु निगम के महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव सोमवार को लखनऊ रवाना हो गए। वहां एमडी को वह अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
इसके अलावा, वहां का चार्ज देकर दो दिन बाद लौट आएंगे। सेतु निगम के अभियंताओं के मुताबिक कार्य स्थल की री-बैरिकेडिंग कराई जाएगी। सेतु निगम बैरिकेडिंग के अंदर काम करेगा और किसी भी तरह बाहर के लोग अंदर नहीं आ पाएंगे।
पैदल यात्रियों के लिए निर्माणाधीन फ्लाईओवर के क्षेत्र में दो जगहों पर आवागमन का रास्ता दिया जाएगा। काम शुरू कराने से पहले सेफ्टी के हर बिंदु को परखा जाएगा।