प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम के द्वारा गोद लिए गए आदर्श गांव डोमरी का अगले वर्ष 21 से 23 जनवरी तक प्रस्तावित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए चयन कर लिया गया है।
यहां गंगा किनारे करीब 140 हेक्टेयर जमीन पर प्रवासी भारतीयों के लिए ‘मिनी बनारस’ बसाया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों पर सोमवार को विदेश मंत्रालय के सचिव डीएन मौली की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में बैठक हुई।
प्रवासियों और अतिथियों के ठहरने और सम्मेलन के आयोजन से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि आयोजन का बजट 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।
प्रवासी भारतीय दिवस पर आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में सात हजार लोग शामिल होंगे। आवासीय व्यवस्था गंगा पार डोमरी और कार्यक्रम डीरेका में कराने पर मंथन हुआ।
बताया गया कि आवासीय स्थल के लिए मौके पर 40 एकड़ प्राइवेट भूमि मौजूद है। यदि कछुआ सैंक्चुअरी की 98 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध हो जाए तो 140 हेक्टेयर में सभी व्यवस्थाएं आसानी से यहां पूरी कर ली जाएंगी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आने की उम्मीद
नरेंद्र मोदी
इसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कछुआ सैंक्चुअरी की जमीन उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कछुआ सैंक्चुअरी की भूमि के उपयोग के लिए वन मंत्रालय से अनापत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
विदेश मंत्रालय के सचिव ने बताया कि प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मॉरीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की उम्मीद है।
बैठक में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी महापात्रा, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, पर्यटन विभाग के सचिव अखंड प्रताप सिंह, सूचना निदेशक डॉ. उज्ज्वल कुमार, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसएसपी आरके भारद्वाज सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।