भगवान बुद्ध के प्रथम धर्म उपदेश स्थली पर आगामी वैशाख महीने के पूर्णिमा पर विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों के आने का क्रम शुरू हो गया है। यही स्थिति विश्व भर के बौद्ध मठों मंदिरों में भी तैयारीयां तेज गति से चल रही हैं। थाई बौद्ध विहार, कंबोडिया बौद्ध मंदिर, जम्मू दीप, म्यांमार बुद्ध विहार, जापानी बौद्ध मंदिर, कोरियन बौद्ध मंदिर सहित चाइनीस व कंबोडिया मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा को लेकर तैयारियां अपने आखिरी दौर में है।
धम्म शिक्षण संस्थान के संस्थापक भिक्षु चंदिमा महाथेरा ने बताया कि इस बार देश के कोने-कोने से बौद्ध अनुयायियों के आने का क्रम शुरू हो गया है। जिसमें भारत के महाराष्ट्र, बिहार,मध्यप्रदेश, दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, बलिया, कुशीनगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़ के साथ ही बौद्ध देशों कंबोडिया, वियतनाम, चीन, जापान, म्यांमार, कोरिया, थाईलैंड के बौद्ध अनुयाई भाग लेंगे।
भन्ते ने बताया कि विश्व शांति के लिए धम्म शिक्षण संस्थान में विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा, मूलगंधकुटी बौद्ध विहार परिसर व बौद्ध वृक्ष को दीप जलाकर प्रकाशित किया जाएगा। भोजन दान, धम्म यात्रा का आयोजन होगा।
भगवान बुद्ध की अति पवित्र अस्थि अवशेष इस बार बुद्ध पूर्णिमा के लिए यूनाइटेड नेशन के कार्यक्रम के लिए वियतनाम ले जाया गया है। बौद्ध अनुयायियों में इससे थोड़ी नाराजगी है लेकिन वियतनाम के सरकार द्वारा विशेष आग्रह करने पर भारत के गौरव विश्व कल्याण के लिए वियतनाम पहुंचा है, जहां पर यूनाइटेड नेशन के कार्यक्रम में विश्व भर के लोग भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष का दर्शन कर लाभान्वित होंगे।