मंदिर के नीचे है सुरंग
मंदिर की खासियत यह है कि ऋषियों ने अपनी तप, साधना से गंगा की जलधारा को मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर तक मोड़ दिया था। मंदिर के नीचे सुरंग है जो गंगा से जुड़ी हुई है। पुजारी ने बताया कि एक बार अंग्रेज इस सुरंग के रास्ते अंदर गए थे और फिर नहीं लौटे। तब से इस सुरंग को बंद कर दिया गया। मान्यता है कि इस मंदिर में महादेव रोज विश्राम करने आते हैं।
मां काली को चढ़ाई जाती है सोने या चांदी की जीभ
पुजारी ने बताया कि मंदिर में स्थापित मां काली के दर्शन पूजन और सोने व चांदी की जीभ चढ़ाने से वाणी दोष दूर होता है। ऐसी मान्यता है कि जिस भी बच्चे की वाणी लड़खड़ाती हो, तुतलाता हो तो यहां चांदी की जीभ चढ़ाने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। बुद्धि और ज्ञान के लिए भगवान गणेश को कापी और पेन चढ़ाने की मान्यता है।