मंदिर निर्माण में धन की कमी आड़े आई तो युगल किशोर बिड़ला ने मालवीय जी को आश्वस्त किया कि मंदिर निर्माण में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि महामना के जीवन काल में मंदिर निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया। श्री विश्वनाथ मंदिर के मानित व्यवस्था प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि 1954 में शिखर को छोड़कर पूरा मंदिर बन गया था। 17 फरवरी 1958 को मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की गई। शिखर का काम 1966 में पूर्ण हुआ। लगभग 250 फीट ऊंचा मंदिर का शिखर दुनिया का सबसे ऊंचा माना जाता है।
मंदिर में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के अतिरिक्त गणेश, मां दुर्गा, लक्ष्मी-विष्णु, पंचमुखी महादेव, राम सीता और लक्ष्मण, हनुमान, सरस्वती मां, नटराज, नंदी आदि देवताओं की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं।