प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले प्राचीन नगरी काशी रंग बिरंगी रोशनी से जगमग हो जाएगी। घाट व गलियों के साथ-साथ प्रमुख स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो, फसाड लाइट, लेजर शो आदि की व्यवस्था की जा रही है।
सारनाथ में अक्तूबर के अंत तक लाइट एंड साउंड शो आरंभ करने के लिए काम चल रहा है। इसका विजुअल तैयार हो रहा है। सम्मेलन में आने वाले प्रवासी भारतीयों को शहर के साथ ही आस पास के पर्यटन स्थलों के दर्शन कराने की योजना बनाई गई है। इससे काशी के पर्यटन को विश्व फलक पर मजबूत पहचान मिलेगी।
सम्मेलन से पहले घाटों के अलावा गलियों में मौजूद अति प्राचीन भवनों को फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। शाम ढलने के बाद काशी में रात्रि भ्रमण और मनोहारी होगा। गंगा में नौकाओं, बजड़ों और क्रूज की सुंदरता बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार हो रहा है।
स्टोरी टेलिंग क्रूज होगा लॉन्च
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। पर्यटन विभाग, सम्मेलन के दौरान गंगा महोत्सव के आयोजन की योजना बना रहा है। काशी की माटी से जुड़ी विधाओं पर भी फोकस रहेगा।
वहीं गंगा में स्टोरी टेलिंग क्रूज को चलाने की योजना एक कदम और आगे बढ़ गई है। क्रूज के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पांच से छह महीने में इसके गंगावतरण की संभावना है। इसमें बैठकर पर्यटक विभिन्न भाषाओं में घाटों की भव्यता और इसके इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।
संयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश पर्यटन अविनाश चंद्र मिश्रा का कहना है कि हमारा पूरा प्रयास है कि अक्तूबर के अंत तक सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो शुरू हो जाए। विजुअल की एडिटिंग पूरी होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
‘अतिथियों’ के स्वागत को तैयार काशी
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काशी आने वाले देशी, विदेशी सैलानियों को पर्यटन विभाग ‘अतिथि देवो भव:’ का एहसास कराएगा। इसके लिए एयरपोर्ट से लेकर होटल और पर्यटन स्थलों तक तैयारी की गई है। वहीं पर्यटन विकास और जरूरतों को लेकर शहर में सेमिनार व कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
विश्व पर्यटन दिवस पर 27 सितंबर को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, घाट, सारनाथ आदि स्थानों पर माला पहनाकर व तिलक लगाकर सैलानियों का स्वागत किया जाएगा। कई होटल्स ठहरने व खाने पर छूट भी ऑफर कर रहे हैं। वहीं सारनाथ में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।