करीब 200 साल बाद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का पांचवां द्वार भी सामने आया है। इससे अब श्रद्धालुओं को उत्तर दिशा से मंदिर के तीनो स्वर्ण शिखरों के दर्शन हो सकेंगे। मंदिर प्रशासन की माने तो यह प्रवेश द्वार अब तक का सबसे चौड़ा द्वार है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में वर्तमान में चार प्रवेश द्वार हैं। इनमें गेट नंबर 1 ढुंढीराज गणेश प्रवेश द्वार, दूसरा सरस्वती फाटक, तीसरा नीलकंठ द्वार और चौथा छत्ता द्वार है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए खरीदे जा रहे भवनों के गिराने और अतिक्रमण हटाने पर दो दिन पूर्व पांचवा प्रवेश द्वार भी सामने आया था।
दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद बुधवार को इस नए प्रवेश द्वार को पूरी तरह खोल दिया गया। विश्वनाथ गली और मंदिर से इस प्रवेश द्वार की ऊंचाई करीब 12 फुट है। इसके लिए बाद में रैंप बनाया जा सकता है। गेट के खुलने के बाद बुधवार को यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अधिकारियों और जवानों को तैनात कर दिया गया।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि यह गेट 200 साल में पहली बार खुला है।
अतिक्रमण हटाने और पास के भवन को गिराने के बाद इस पांचवे प्रवेश द्वार की कुल चौड़ाई लगभग 45 फुट हो जाएगी। यही नहीं भवनों के गिराने के बाद बाबा का शिखर उत्तर दिशा से भी साफ-साफ दिखने लगा है।
पांचवा प्रवेश द्वार खुलने से ये होगा फायदा
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
पांचवा प्रवेश द्वार खुलने से एक ओर जहां भीड़ नियंत्रण में आसानी होगी। वहीं इस प्रवेश द्वार की चौड़ाई अधिक होने से श्रद्घालुओं को आने जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। यही नहीं इस प्रवेश द्वार के खुलने से मंदिर पहुंचने में भी कम दूरी तय करना पड़ेगा।
मंदिर प्रशासन का दावा है कि भविष्य में इस प्रवेश द्वार को मुख्य सड़क से भी मिलाया जा सकता है। अब श्रद्धालुओं को उत्तर दिशा से मंदिर के तीनो स्वर्ण शिखरों के दर्शन हो सकेंगे।
आज खुलेगा मंदिर कॉरिडोर का टेंडर
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के नक्शे का ई-टेंडर गुरुवार की शाम को तीन बजे के बाद खोला जाएगा। अब इसमें जितने टेंडर आएंगे। उस हिसाब से मंदिर प्रशासन आगे के लिए फैसला लेगा। हालांकि मंदिर प्रशासन का दावा है कि एक बार में ही कॉरिडोर के नक्शे का टेंडर फाइनल हो जाएगा।
60 मीटर चौड़ा और 500 मीटर लंबे और करीब 25 हजार वर्गमीटर में बन रहे श्री कॉशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के बिड में कुल चार कंपनियों ने भाग लिया था। इसमें गुजराज, दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी की कंपनी शामिल है। टेंडर 27 सितंबर को खुलना है, जबकि इसका प्रजेंटेशन 5 अक्टूबर को होना है।