मरीजों का इलाज करने वाली टीम के सदस्य डॉ. पीके सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज में अगर ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियां पहले से हैं तो उनके इलाज में अधिक सावधानी बरतनी होती है।
ऐसा इसलिए कि उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की कमी भी होती है। ऐसे में अस्पताल में इलाज के दौरान तो विशेष सतर्कता बरती ही जाती है, गेस्ट हाउस में आने के बाद भी टीम के सभी सदस्य इसी बात पर चर्चा करते हैं कि इन हाई रिस्क वाले मरीजों को किस तरह से जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।
उधर डॉक्टर प्रवीण प्रताप का कहना है कि पहले से ही अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों में अगर कोरोना की पुष्टि होती है तो उनका उनके इलाज में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। हॉस्पिटल में जाने के बाद उनकी जांच रिपोर्ट से लेकर उन्हें दवा देने, इंजेक्शन लगाने, जांच, इलाज के बारे में गंभीरता से चर्चा की जा रही है। सामान्य कोरोना संक्रमित मरीजों की तुलना में पहले से अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों के सेहत में सुधार होने में थोड़ा अधिक समय लगता है।