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कोरोना संक्रमण के साथ ऐसे मरीजों पर विशेष निगरानी, स्वास्थ्य विभाग बरत रहा सतर्कता

Sun, 12 Apr 2020 08:54 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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coronavirus - फोटो : PTI
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कोविड हॉस्पिटल में भर्ती 14 संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाली टीम की जितनी सराहना की जाए वह कम है। घर से दूर रहकर परिवार की चिंता छोड़ डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ हर समय मरीजों की सेहत पर ही चर्चा कर रहे हैं। इसमें भी ऐसे मरीजों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं, जिनको कोरोना संक्रमण के साथ ही ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियां भी हैं।
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इलाज कर रहे डॉक्टर ऐसे चार मरीजों को हाई रिस्क वाले श्रेणी में रखकर इलाज कर रहे हैं और समय-समय पर उनके इलाज पर ही चर्चा कर रहे हैं। किस तरह से इन मरीजों में जल्द से जल्द संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।

कोविड हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज करने वाली टीम हॉस्पिटल में ड्यूटी के बाद कैंट स्टेशन स्थित गेस्ट हाउस में जब आती है तो वहां उनके चर्चाओं के केंद्र में वैसे तो वर्तमान समय में भर्ती वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर के कुल 14 मरीज होते हैं लेकिन इनमें चार मरीज ऐसे हैं, जिनको लेकर चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। डॉक्टरों की चिंता यह है कि एक साथ तीन बीमारियों को किस तरह से ठीक किया जाए।
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मरीजों का इलाज करने वाली टीम के सदस्य डॉ. पीके सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज में अगर ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियां पहले से हैं तो उनके इलाज में अधिक सावधानी बरतनी होती है।

ऐसा इसलिए कि उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की कमी भी होती है। ऐसे में अस्पताल में इलाज के दौरान तो विशेष सतर्कता बरती ही जाती है, गेस्ट हाउस में आने के बाद भी टीम के सभी सदस्य इसी बात पर चर्चा करते हैं कि इन हाई रिस्क वाले मरीजों को किस तरह से जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।
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उधर डॉक्टर प्रवीण प्रताप का कहना है कि पहले से ही अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों में अगर कोरोना की पुष्टि होती है तो उनका उनके इलाज में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। हॉस्पिटल में जाने के बाद उनकी जांच रिपोर्ट से लेकर उन्हें दवा देने, इंजेक्शन लगाने, जांच, इलाज के बारे में गंभीरता से चर्चा की जा रही है। सामान्य कोरोना संक्रमित मरीजों की तुलना में पहले से अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों के सेहत में सुधार होने में थोड़ा अधिक समय लगता है।
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