काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने गईं स्पेन की महिला पर्यटक जोसेफ फर्नांडिस के पर्स से सोमवार की सुबह 4400 रुपये चुरा लिए गए। हाई सिक्योरिटी वाले इलाके रेड जोन में हुई इस घटना से पुलिस सवालों के घेरे में है। विदेशी महिला का आरोप है कि महिला सुरक्षाकर्मी ने चेकिंग के दौरान उसके पैसे निकाले। बाद में जांच के नाम पर उसे सरस्वती फाटक एवं छत्ता द्वार पर करीब पांच घंटे तक बैठाए रखा गया।
आरोप यह भी है कि पुलिस ने दबाव डालकर उससे मनमाने तरीके से तहरीर लिखवाई और उस आधार पर अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया। महिला पर्यटक का कहना है कि वह मामले की शिकायत भारत स्थित स्पेन के दूतावास करेंगी।
स्पेन के बार्सिलोना शहर से एक ही परिवार के सात सदस्य रविवार को काशी भ्रमण पर यहां पहुंचे थे। छावनी स्थित एक होटल में ठहरा यह दल सोमवार की सुबह छह बजे दशाश्वमेध घाट पहुंचा। घाटों पर घूमने और नौकायन करने के बाद दल काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे सरस्वती फाटक गेट नंबर दो से अपने परिवार के साथ जोसेफ फर्नांडिज (55) ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया।
सरस्वती फाटक स्थित चेक प्वाइंट पर जांच के दौरान उनके पर्स से 4400 सौ रुपये गायब हो गए। चेकिंग के बाद महिला को जब पर्स में रुपये न होने की जानकारी हुई तो वह शोर मचाते हुए रोने लगी। चेकिंग करने वाली महिला सुरक्षाकर्मी पर रुपये गायब करने के आरोप लगाए। प्वाइंट प्रभारी ने घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी।
एक घंटे बाद सीओ ज्ञानवापी मौके पर पहुंचे। विदेशी महिला को एक घंटे तक सरस्वती फाटक पर रोकने के बाद जांच के नाम पर उन्हें गेट नंबर चार छत्ताद्वार ले जाया गया। यहां उन्हें दोपहर दो बजे तक रोके रखा गया। पहले तो पूरी कोशिश मामला रफा-दफा कराने की हुई लेकिन जब विदेशी महिला ने दूतावास में शिकायत करने की बात कही तो पुलिस के कान खड़े हुए।
विदेशी महिला ने चेकिंग के दौरान का सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की तो पता चला कि वहां सीसीटीवी कैमरा ही नहीं लगा है। इसका कारण बताया गया कि जहां महिलाओं की चेकिंग होती है वहां कैमरा नहीं लगाया जाता। दोपहर करीब दो बजे चौक थाने के एसएसआई ने विदेशी महिला से तहरीर लेकर अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया।