पितरकुंडा में इसी मकान में हुआ था विस्फोट।
पितरकुंडा स्थित जिस मकान में पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हुआ, उसके अगल-बगल रहने वाले भी यह नहीं बता सके कि वह घर किसका है। इस पर चेतगंज क्षेत्राधिकारी एएसपी अनुराग आर्य और एसपी सिटी राजेश यादव का कहना है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि आसपास के लोगोें को इस बारे में कोई जानकारी न हो। हालांकि मकान के बाहर समाजवादी पार्टी के फ्रंटल संगठन मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के महानगर सचिव शकील अहमद के नाम का बोर्ड टंगा हुआ था। भीड़ में शामिल कुछ लोगों का कहना था कि सपा की हनक दिखाकर ही यहां अवैध तरीके से पटाखे बनाने का काम होता आ रहा था।
विस्फोट के बाद पितरकुंडा तिराहे पर मौजूद लोग बारूद की दुर्गंध से परेशान दिखे। सभी का कहना था कि सांस लेने में परेशानी हो रही है और आंख में जलन हो रही है। इलाकाई लोगों ने बताया कि पंद्रह साल पहले तक पितरकुंडा और दियापुरा अवैध पटाखे बनाने का केंद्र हुआ करता था। अब यहां अवैध तरीके से पटाखे बनाए जाते हैं। दशहरे के बाद से दिवाली तक यहां काफी संख्या में लोग पटाखे खरीदने आते हैं।
अवैध तरीके से पटाखे बनाने का धंधा इलाकाई थाने की पुलिस और एलआईयू की शह पर चलता है। इलाकाई थाने और एलआईयू तक अवैध तरीके से पटाखा बनाने वाले पैसे पहुंचाते हैं और मामला दबा रहता है। जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है तो कुछ दिन अभियान चलाकर फिर मामला ठंडा बस्ते में डाल दिया जाता है। इलाके के कुछ लोगों ने बताया कि जब विस्फोट हुआ तो उसके कुछ देर पहले ही एलआईयू के एक दरोगा इलाके में घूमते देखे गए थे। वहीं, चेतगंज थाने के पुलिसकर्मी इस धंधे से बेफिक्र रहते हैं।