जांच में सामने आया कि किशोरी बीते 19 अगस्त को कहीं जा रही थी तो कैंट स्टेशन पर टीटीई जमीर ने अकेले देख उससे पूछताछ कर परिजनों को सूचना दी। इसकी वीडियो क्लिप है। सितंबर में किशोरी मुंबई गई और तीन अक्तूबर को घर लौटी। छह अक्तूबर को किशोरी अपने दोस्त विशाल के घर गाजीपुर गई और आठ अक्तूबर को मुंबई गई। मुंबई में जमीर के माध्यम से मुरारी यादव के परिवार के साथ रही।
जमीर ने मुरारी के खाते में पैसा भेजा तो किशोरी वापस बनारस आई और स्टेशन पर उसके पिता, भाई व विशाल उसे लेने गए। 18 अक्तूबर को किशोरी फिर मुंबई गई और 20 अक्तूबर को वहां उसकी मुलाकात एक महिला से हुई। अपने परिवार पर गंभीर आरोप लगाकर वह उनके साथ रहने लगी। पांच नवंबर को महिला के घर से किशोरी कहीं चली गई तो उन्होंने सात नवंबर को आरे गोरेगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
इस दौरान भी किशोरी जमीर, उत्कर्ष, विशाल और अपने पिता के संपर्क में थी। इस बीच जमीर और उसकी पत्नी ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया कि उनसे कुछ लोग पांच लाख रुपये मांग रहे हैं। रुपये न देने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
पिता को मेसेज भेज कर भाई ने की थी आत्महत्या
एसएसपी ने बताया कि किशोरी के भाई ने 19 अक्तूबर को गंगा में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। उसने पिता के व्हाट्सएप पर मेसेज भेजा था कि आप लोगों की कोई गलती नहीं है। मैं अपनी बहन की वजह से यह कदम उठा रहा हूं, हो सके तो माफ कर दीजिएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह डूबना आई थी। किशोरी के पिता ने उत्कर्ष, जमीर और विशाल पर हत्या का आरोप लगाया तो मुकदमा दर्ज कर लिया गया। हालांकि जांच में अब तक तीनों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष से लगाई थी गुहार
किशोरी और उसके पिता ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना चौबे से भी गुहार लगाई थी। किशोरी का कहना था कि जमीर अपनी ऊंची पहुंच के चलते मुकदमे को प्रभावित कर रहा है। इस पर उपाध्यक्ष ने एसएसपी से बात कर उन्हें मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने को कहा था।
पीड़ितों के परिजनों से मिले पूर्व मंत्री अजय राय
जहर खाने वाली युवती और परिजनों से पूर्व मंत्री अजय राय ने मुलाकात की और हालचाल जाना। उन्होंने आश्वस्त किया कि पार्टी उनके साथ है। साथ ही हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान राघवेंद्र चौबे, चंचल शर्मा, मयंक चौबे, संजय सिंह डाक्टर, रोहित दुबे, अनुभव राय आदि मौजूद रहे।