कैंट थाने में बीते तीन नवंबर को एक किशोरी के अपहरण के आरोप में विशाल मौर्या और उत्कर्ष तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। 13 नवंबर को किशोरी बरामद की गई तो उसने कलमबंद बयान दिया कि फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर उसे मुंबई ले जाया गया और होटल में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसमें मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार कराने वाले गिरोह की भी संलिप्तता है। किशोरी के बयान के आधार पर दर्ज मुकदमे में धाराएं और आरोपियों का नाम बढ़ाकर पुलिस ने पहले विशाल और फिर कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात टीटीई जमीर आलम को गिरफ्तार किया। जबकि उत्कर्ष की गिरफ्तारी होना बाकी है।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी पर कभी सिपाही बनाने तो कभी फिल्मों में काम दिलाने की बात कह कर बयान बदलने का दबाव पुलिस बनाती है। एसएसपी से लेकर सारे अधिकारियों और प्रदेश के मंत्री के यहां दो महीने से गुहार लगाने के बावजूद भी सुनवाई नहीं हो रही है।