अनिल और रीबू में से किसी एक को वापस लेना पड़ सकता है पर्चा
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कैंट विधानसभा सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन से अनिल श्रीवास्तव के नामांकन के बाद सपा के सिंबल पर पार्टी नेत्री रीबू श्रीवास्तव के पर्चा दाखिल करने से पदाधिकारी और कार्यकर्ता असमंजस में हैं।
खासकर सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता फिलहाल की स्थितियों में यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार में निकलें या फिर सपा सिंबल पर नामांकन करने वाली प्रत्याशी के समर्थन में। सपा नेतृत्व की ओर से इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।
वहीं, कांग्रेस में भी खलबली मची है। दोनों दलों के अपने शीर्ष नेतृत्व के फैसले का इंतजार है।
सपा जिलाध्यक्ष ने इस बारे में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को वस्तुस्थिति की जानकारी दी है।
वहीं कांग्रेस खेमा भी इस मसले पर अपने लखनऊ और दिल्ली के नेताओं से लगातार संपर्क साधे हुए है।
दोनों पार्टियों के रणनीतिकार मानते हैं कि गठबंधन बचाने के लिए रीबू और अनिल में से किसी एक की पर्चा वापसी का ही विकल्प है।
लेकिन, दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में कोई संकेत न मिलने से फिलहाल हालात पेचीदा होने के साथ पार्टीजनों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
पिछले दो बार से कांग्रेस प्रत्याशी यहां से दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस लिहाज से सपा का साथ मिलने पर इस सीट पर जीत का दावा किया जा रहा था।