बसपा महासचिव सतीश मिश्रा व विजय मिश्रा।
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सपा के धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र ने गुरुवार की शाम बसपा का दामन थाम लिया। इसके साथ ही पूर्वांचल के राजनीतिक गलियारे में नयी हलचल शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि विजय मिश्र के बसपा में आने से ब्राह्मण मतदाताओं का बहुजन समाज पार्टी की तरफ झुकाव होना संभव है।
विजय मिश्र से पहले अंसारी बंधुओं के बसपा में शामिल होने से मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव पहले से ही बसपा की तरफ बढ़ा है।
अब ब्राह्मण मतदाता अगर दल में आते हैं, तो पूर्वांचल के सियासी समीकरण में बदलाव होना तय है।
हालांकि राजनीतिक पंडितों का कहना है कि विजय मिश्र का कद सपा में एक बड़े नेता के रूप में था। इसका वह कितना फायदा बसपा को पहुंचा सकते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा।
गाजीपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक रहे विजय मिश्र को इस बार टिकट नहीं मिला। इससे नाराज विजय मिश्र को अंतत: बसपा का दामन थामना पड़ा।
नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पूर्वांचल में बसपा को मजबूत करने में जुटी बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के एक और कद्दावर नेता को अपनी पार्टी में जगह दी है।
अब देखना है कि मिश्र के आने से बसपा कितनी मजबूत होती है।