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काशी के सावन मेले में साउंड मीटर बताएगा कितनी तेज बज रहा बाजा

Fri, 07 Jul 2017 03:25 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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kanwar yatra
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काशी के सावन मेले के दौरान पुलिस कांवरियों के छोटे साउंड सिस्टम की ध्वनि की तीव्रता साउंड मीटर से चेक करेगी। यदि निर्धारित मानक से ज्यादा तेज आवाज रही तो उसे पुलिस जब्त कर लेगी। नवागत एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में यह जानकारी दी।
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कांवरियों के वेश में उनके जत्थे में आतंकियों के शामिल होने संबंधी इनपुट पर एसएसपी ने कहा कि पूरी सतर्कता बरती जाएगी और खुफिया इकाइयां सक्रिय रहेंगी।

बुधवार की रात कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को एसएसपी पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि जिन-जिन स्थानों से कांवरिया जिले में प्रवेश करते हैं, वहां पुलिसकर्मियों को साउंड मीटर के साथ तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के चेक प्वाइंट्स पर भी पुलिस साउंड मीटर के साथ रहेगी।
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नियमानुसार ध्वनि की तीव्रता औद्योगिक क्षेत्र में सुबह छह से रात नौ बजे तक 75 डेसिबल, व्यावसायिक क्षेत्र में 65 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 डेसिबल और साइलेंस जोन में 50 डेसिबल होनी चाहिए। 
एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के आचरण संबंधी शिकायत मिली तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मी अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

यातायात संबंधी समस्याएं देख-समझ कर उनका समाधान कराया जाएगा। सभी महत्वपूर्ण स्थानों और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और चुस्त-दुरुस्त की जाएगी।
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सावन में हो सकती है बसों की किल्लत

रोडवेज - फोटो : अमर उजाला
सावन में आधा दर्जन से ज्यादा क्षेत्रों के यात्रियों को बसों की किल्लत झेलनी पड़ सकती है। इसका कारण इलाहाबाद और आजमगढ़ रूट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसों की संख्या बढ़ाया जाना है। बसों की जरूरत, अन्य रूटों पर चलने वाली बसों की कटौती से पूरी की जानी है।

वाराणसी से पूरे पूर्वांचल ही नही बल्कि लखनऊ, दिल्ली यहां तक कि नेपाल के लिए बसों का संचालन होता है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम सावन की तैयारियों में जुट गया है। काशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन और यहां से कई श्रद्धालु गंगा जल उठाकर अपनी यात्रा विभिन्न क्षेत्रों के लिए शुरू करते हैं।

वहीं बाबा दरबार में गंगा जल चढ़ाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बसों से ही वापस लौटते हैं। इलाहाबाद और आजमगढ़ से बड़ी संख्या में भक्त वाराणसी आते हैं इसलिए स्थानीय रोडवेज प्रशासन ने दोनों रूटों पर 100-100 बसें चलाने का निर्णय लिया है पर यह बसें कहां से आएंगी यह तय नही है।

माना जा रहा है कि विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों में ही कटौती की जाएगी। ऐसे में गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र, कौशांबी, प्रतापगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, बलिया आदि रूटों की बसों में कटौती हो सकती है।

वहीं आरएम पीके त्रिपाठी ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार बसों को डायवर्ट किया जाएगा। जिस रूट पर यात्रियों का दबाव नजर आएगा, उधर बसों को मोड़ दिया जाएगा। किसी यात्री को समस्या नही होने दी जाएगी।
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