बताया जाता है कि चौतरफा पुलिस की घेरेबंदी देख कर इन दिनों उसने पूर्वांचल छोड़ कर बिहार में शरण ली है। इसके साथ ही वह पुराने साथियों की मदद से अपने गिरोह के लिए बनारस, जौनपुर और गाजीपुर में कम उम्र के अच्छे शूटर तलाश रहा है।
हालांकि पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि मनीष का मुंबई कनेक्शन बहुत पुराना है। ऐसे में वह बिहार से मुंबई भी भाग सकता है। चूंकि सोनू तकनीक का जानकार भी है, इस वजह से वह अपने करीबियों से व्हॉट्सऐप कॉल/मैसेज के जरिए आसानी से संपर्क में रहता है।
उधर, सोनू के इन कारनामों के बीच एक दिलचस्प बात यह भी है कि उसके पिता अनिल कुमार सिंह ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों को प्रार्थना पत्र दिया है कि अगर उनके बेटे के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज हो तो उसे अदालत में पेश किया जाए।
...तो क्या एक लाख का इनामी दीपक वर्मा शहर में ही है
एक लाख का इनामी बदमाश नई बस्ती रामापुरा निवासी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू इन दिनों शहर में ही मौजूद है, ऐसी चर्चाएं इन दिनों जबरदस्त है। शराब और हेरोइन के नशे के आदी दीपक पर दिसंबर 2018 से ही पुरस्कार घोषित है और पुलिस उसे दबोच नहीं पा रही है। दीपक के शहर में मौजूद होने की भनक लगने पर क्राइम ब्रांच से इतर जिला पुलिस के तीन दरोगा उसकी धरपकड़ के प्रयास में जोरशोर से लगे हुए हैं।