अमित की बातों पर उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही दोस्त शिक्षक शिवेंद्र सत्यमूर्ति ने भरोसा किया। मार्च 2022 से जनवरी 2023 तक उन्होंने व उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही शिक्षक शिवेंद्र सत्यमूर्ति ने बैंक खाते में और नकद 9807281 रुपये अमित व उसके परिजनों को दिया। आज तक मुनाफा तो क्या मूलधन भी वापस नहीं मिला। उधर, इस संबंध में भेलूपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रोफेसर रामअवतार ओझा ने पुलिस को बताया कि अमित के पिता धर्मनाथ से निवेश की गई रकम और मुनाफे की मांग की गई। इस पर धर्मनाथ ने बताया कि 18 अप्रैल 2023 को अमित की मौत हो गई है। धर्मनाथ की बात पर संशय हुआ तो अमित के बैंक खाते के बारे में पता किया गया। सामने आया कि मई 2023 में भी अमित के बैंक खाते से लेनदेन किया जा रहा था।
प्रोफेसर रामअवतार ओझा ने पुलिस को बताया कि काफी भागदौड़ के बाद अमित के परिजनों द्वारा 80 लाख 50 हजार रुपये के चेक दिए गए। उन चेक को बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस कर गए। इस बारे में अमित के पिता धर्मनाथ से बात की गई तो उसने देख लेने की धमकी दी।