फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फौजी बेटे को चाहिए थी छुट्टी, रच डाली पिता के अपहरण की साजिश 

Wed, 20 Jun 2018 03:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
बनारस में एक सनसनीखेज मामला सामना आया है। सेना में काम करने वाले एक युवक ने अपने ही पिता के अपहरण की साजिश रची वो भी सिर्फ इसलिए कि उसे छुट्टी चाहिए थी। मामले का खुलासा होने पर पुलिस कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन


जंसा थाने के काशीपुर गांव निवासी रामधनी पाल फौज में नौकरी करता है। उसका पिता बेचू पाल राजगीर है। वह दो महीने से इसी थाना क्षेत्र के बारेमा गांव निवासी सीता रामसिंह के यहां मकान बना रहा था। शनिवार को वहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।

बेचू पाल साइकिल व कपड़ा छोड़कर बारेमा से गायब हो गया। बेचू पाल की पत्नी हीरावती पाल जंसा थाने पर पहुंचकर बारेमा गांव निवासी सीताराम सिंह व उसके पड़ोसी विनोद सिंह के खिलाफ अपहरण कर हत्या कर देने की तहरीर दी।
विज्ञापन


पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर विनोद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। वैसे पुलिस को वारदात संदेहास्पद लग रही थी। मंगलवार को सुबह बेचू पाल जब घर लौटा तो पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की।

बेचू पाल ने बताया कि मेरे बेटा रामधनी पाल फौज में नौकरी करता है। उसे छुट्टी नहीं मिल रही थी। उसके कहने पर मैंने अपहरण का नाटक रचा और मथुरा चला गया था।

जंसा इंस्पेक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि बेटे को फौज से छुट्टी दिलाने के लिए पिता बेचू पाल ने अपहरण का नाटक रच कर दो लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या की तहरीर दी थी। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन

अभ्यर्थी ने पैसे के लिए खुद को किया 'अगवा'

demo pic
उधर, गाजीपुर निवासी प्रशांत मोर्या मंगलवार को सिपाही भर्ती की परीक्षा देने के लिए ट्रेन से बनारस के सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचा। यहां से उसने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि रास्ते में कुछ युवकों ने उसका अपहरण कर लिया है और 30 हजार रुपये मांग कर रहे हैं। पैसा उसने अपने अकाउंट में डालने की बात कही।

प्रशांत के अपहरण की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर वालों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने प्रशांत के मोबाइल की लास्ट लोकेशन चेक किया।

जैतपुरा इंस्पेक्टर विजय चौरसिया पुलिस टीम के साथ सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे और चंद घंटे के भीतर ही प्रशांत को बरामद कर लिया। पुलिस की पूछताछ में प्रशांत ने बताया कि उसने पैसे के लिए अपने घरवालों को अपहरण की फर्जी सूचना दी थी। प्रशांत के परिजनों के आने के बाद पुलिस ने उसे समझा बुझा के घरवालों के साथ भेज दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें