आक्रोशित घनश्याम ने ईंट लेकर मां के माथे पर वार कर दिया। मां के चीखने पर कमरे से बहू बचाने निकली तो घनश्याम ने उसे सरिया लेकर दौड़ाया तो वह छत पर भाग गई। छत से शोर मचाई। तब तक घनश्याम ने मां के माथे व सिर पर ईंट, रॉड से कई वार कर खून से लथपथ कर दिया। घर के अंदर फैले खून को पानी की बाल्टी से बहाया। परिजनों की सूचना पर तुरंत डायल-112 की टीम पहुंची तो आरोपी उनसे हाथापाई करने लगे।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के पहुंचने पर ही पड़ोस के लोग भी घर में घुसे। किसी तरह घनश्याम को गिरफ्तार कर पुलिस मंडुवाडीह थाने ले गई। लहूलुहान शीला को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने घर के अंदर से साक्ष्य के तौर पर ईंट, सरिया कब्जे में लिया। एडीसीपी वरुणा नीतू ने बताया कि आरोपी घनश्याम अपनी मां से पैसे की मांग कर रहा था। मां के इन्कार पर आरोपी ने ईंट, सरिया से माथे, सिर पर वार कर हत्या कर दी। आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस
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बेटे बहादुर ने पुलिस को बताया कि घनश्याम आए दिन घर में विवाद करता था। हर कोई परेशान रहता था। मां ने पैसे नहीं दिए तो उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस को बताया कि आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी से जुड़कर मां प्रौढ़ शिक्षा के लिए काम करती थी। दूसरे के घरों में काम भी करती थी।
घनश्याम की हरकतों से डरते हैं पड़ोसी
शीला के सबसे बड़े बेटे रामबाबू, दिनेश, बहादुर मजदूरी करते हैं। वहीं, छोटा घनश्याम मां के साथ ही अलग रहता था। परिजनों के मुताबिक, घनश्याम की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। छह महीने पहले उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोगों ने पुलिस को बताया कि घनश्याम की हरकतों की वजह से कोई उससे बातचीत नहीं करता था। लोग डरते थे कि कब वह हमला न कर दे। घटना के दौरान भी वह आधे कपड़ों में था।
पांच साल में अपने ही अपनों की जान के दुश्मन बन गए। खून के रिश्तों का खून किया। 50 से अधिक वारदात में अपने ही कातिल निकले। तीन दिन पहले ही बड़ागांव थाना क्षेत्र में दामाद पर ससुर की जान लेने का आरोप लगा। जमीन संबंधी तो कोई रंजिश, प्रेम संबंध तो किसी ने रुपये के लेनदेन को लेकर सांसों की डाेर ही तोड़ दी।