- जगह-जगह नाम लिखकर छठ पूजा के लिए आरक्षित किया अपना स्थान
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। लोक आस्था का महापर्व छठ का पहला अर्घ्य सात नवंबर को दिया जाएगा। घाट और कुंडों पर वेदी बनाकर उसे आरक्षित कर लिया गया है। वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट पर पुलिस, नेता और सरकारी विभागों के कर्मचारियों के नाम पर घाटों पर अपनी जगह आरक्षित कर ली गई। बाकायदा वेदी बनाने के साथ लोगों ने अपने पद का रौब दिखाने का प्रयास किया है। वेदियों के पास किसी ने अमुक पार्टी का जिलाध्यक्ष, किसी ने रिजर्व पुलिस लाइन तो किसी ने कैंट थाना लिख रखा है।
गंगा के तट से वरुणा किनारे तक जगह-जगह वेदियां सजकर तैयार हो चुकी हैं। वरुणा पार शास्त्री घाट पर वेदियों के स्थान पर तो लोगों ने अपने-अपने नाम भी लिख रखे हैं। भीड़ से बचने और अपनी जगह को सुरक्षित करने के लिए वेदियों पर नाम और पद लिखने की कवायद काफी पुरानी है। कुछ लोगों का कहना है कि लोग भीड़ से पूजा-पाठ में व्यवधान से बचने के लिए ऐसा करते हैं। वहीं कुछ का कहना है कि यह वेदियों पर नाम-पद लिखना पूजा-पाठ जैसे पवित्र कार्य के लिए उचित नहीं है। वरुणा पार के राजेंद्र द्विवेदी का कहना है कि वेदी केवल इसलिए बनाई जाती है जिससे उस जगह पर परिवार के लोग आकर पूजा-पाठ कर सकें, लेकिन यह परंपरा ठीक नहीं है कि उस पर अपना नाम लिखा जाए। परंपरा यह है कि जिस वेदी का निर्माण किया जाता है, उसकी रक्षा लोग चार दिन तक रुककर करते हैं।