पूर्वोत्तर रेलवे की व्यवस्थाओं में कुछ कमियां दिखी हैं। खासकर मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर लोगों की सुरक्षा और ट्रेन हादसों को रोकने के लिए उपाय किया जाना चाहिए। घनी आबादी के बीच रेलवे के इस पुराने जोन में कुछ नया सीखने को भी मिला है। तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में यह बातें रेलवे कन्वेंशन कमेटी की 17 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष सांसद भर्तृहरि महताब ने पत्रकारों से कहीं।
इससे पहले स्क्रैप डिस्पोजल सिस्टम, ग्रीन एनर्जी, मानवरहित क्रासिंग और दिव्यांगों के लिए रेलवे की सुविधाओं सहित अन्य विकास कार्यों पर कमेटी के सदस्यों ने पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक की। सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि रेल मंत्रालय ने हादसों की रोकथाम की दिशा में प्रभावी पहल की है। इसके लिए सभी जोन स्तर पर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
कमेटी ने ग्रीन एनर्जी के कार्यों की समीक्षा के दौरान स्टेशनों पर सोलर प्लांट लगाने के बारे में जानकारी हासिल की। इस मामले में पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा किए गए कार्यों से कमेटी संतुष्ट दिखी। ट्रैक के किनारे पौधरोपण के लिए योजना बनाकर काम करने को कहा। रेलवे के अधिकारियों को सुझाव दिया कि दिव्यांग यात्रियों को सर्कुलेटिंग एरिया से ही सुविधाएं दें। उनके लिए चाहे प्लेटफार्म हो या कोच हर जगह सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। यात्री सुविधाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की रिपोर्ट बनाकर रेलवे बोर्ड को दें।