वित्तीय वर्ष बीतने को है लेकिन जिला योजना में कुछ विभाग ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत धनराशि भी नहीं खर्च कर पाए। शासन में विभागों की ओर से प्रभावी पैरवी न होने की वजह से अनुमोदित धनराशि भी काफी कम अवमुक्त हो पाई।
ऐसे में आमजन सुविधाओं से वंचित रहेंगे। कई विभागों की ओर से शासन को जनवरी महीने में प्रस्ताव भेजा गया है। जिला योजना में 43 विभागों को शामिल किया गया है। इन सभी विभागों के लिए चालू वित्तीय साल में तीन अरब 51 करोड़ 22 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया था।
एक साल में ये राशि खर्च की जानी थी। इसमें से 15 करोड़ 21 लाख 56 हजार रुपये शासन की ओर से मिल सके। कुल मिलाकर विभागों ने अवमुक्त धनराशि में से 87.70 प्रतिशत राशि खर्च किए लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जो 30 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर सके हैं।