Varanasi News: वाराणसी शहर के 550 ट्यूबवेल सौर ऊर्जा से चलाए जाएंगे। इससे बचत के साथ बिजली की निर्भरता भी कम होगी। वहीं बिजली गुल होने पर पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ट्यूबवेल पर सोलर पैनल के अलावा बरसात आदि दिनों के लिए बैकअप में जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है।
शहर के 550 ट्यूबवेल को सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी की जा रही है। इससे बचत के साथ बिजली की निर्भरता कम होगी। इसके लिए सभी जगहों पर सौर ऊर्जा के पैनल लगाए जाएंगे।
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जल जीवन मिशन के तहत 210 स्थानों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनमें से 151 ट्यूबवेल सौर ऊर्जा से संचालित होने लगे हैं। सौर ऊर्जा से पेयजल व्यवस्था संचालित होने से बिजली गुल होने और लोकल फॉल्ट पर परेशानी नहीं होगी। इससे जलापूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
ट्यूबवेल पर सोलर पैनल के अलावा बरसात आदि दिनों के लिए बैकअप में जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है। अलग-अलग ट्यूबवेल पर पंप की क्षमता के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता लगभग 13 किलोवाट से लेकर 45 किलोवाट तक होगी।
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जलकल परिसर में सोलर पैनल लगाया गया है। इससे कई मशीनें चलाई जा रही हैं। इसी प्रकार शहर के अन्य ट्यूबवेल पर भी सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ट्यूबवेल पर पैनल लगाए जाएंगे। जल जीवन मिशन के तहत देहात के 151 ट्यूबवेल में पैनल लगाकर चालू किया गया है। इसके बेहतर परिणाम आ रहे हैं। ओपी सिंह, सचिव जलकल