निजामाबाद के शिवली में कदीम जुलूस अमारी निकालते शिया समुदाय के लोग।
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अयोध्या विवाद पर प्रतीक्षित फैसले के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के चक्कर में पुलिस की जल्दबाजी किरकिरी का कारण भी बन रही है। इसका नमूना शिवली गांव में देखने को मिला, जहां जुलूस के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने की बात कह कर रविवार रात पुलिस ने निजामाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं तो सीओ सदर और एलआईयू ने जांच की। जांच में मामला गलत निकला। लाउडस्पीकर की तकनीकी खामी की बात कहकर मुकदमा दर्ज कराने वाले चौकी प्रभारी राशिदगंज और तीन सिपाही लाइन हाजिर कर दिए गए। निजामाबाद थाने के शिवली गांव में रविवार को जुलूस-ए-अमारी निकाला गया था।
इसमें लाउडस्पीकर से नारे लगाए जा रहे थे। रात में चौकी प्रभारी राशिदगंज कमलाशंकर गिरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जुलूस जैसे ही यूबीआई के पास पहुंचा तो लोग देशविरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने लगे। पुलिस ने विरोध किया तो लोग शांत हो गए। मुकदमे में शिवली गांव निवासी जफर अब्बास और सैयद कमर अब्बास को आरोपी बनाया गया।
इंस्पेक्टर दिनेश सिंह ने बताया कि उन्होंने भी नारेबाजी सुनी थी। रात 10:21 बजे घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ सदर मो. अकमल खां और एलआईयू के कर्मचारियों ने जांच की तो सामने आया कि लाउडस्पीकर की तकनीकी खामी की वजह से पुलिसकर्मियों ने हुसैनियत के बदले पाकिस्तान और यजीदियत के बदले हिंदुस्तान सुन लिया थी।
गलतफहमी हुई कि जुलूस में देश विरोधी नारे लग रहे थे। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जांच के बाद गलत केस दर्ज कराने वाले दरोगा कमलाशंकर गिरी और चौकी के सिपाही अवधेश प्रसाद, अभिमन्यु व प्रवीण कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। मुकदमा स्पंज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।