सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में राशिद ने बताया कि होर्डिंग और ग्लोशाइन बोर्ड के काम में बहुत पैसा नहीं बचता था। वह पाकिस्तान गया और आईएसआई के एजेंट्स ने ढेर सारे पैसे देकर उसकी जिंदगी संवारने की बात कही तो उसे लगा कि अच्छा अवसर हाथ लगा है।
आईएसआई के दोनों एजेंट ने ही उसे बताया था कि व्हाट्स एप से कॉल करने और सूचनाओं के आदान-प्रदान से वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा। मार्च 2019 के बाद वह कराची में रहने वाली अपनी प्रेमिका अनम को फोन कर अकसर बात करने लगा तो सुरक्षा एजेंसियों को उस पर शंका हुई। यदि उसने जोधपुर में सैन्य अड्डे के पास दुकान खोल ली होती तो एक बार फिर पाकिस्तान जाता।
गिरफ्तार राशिद पाकिस्तान के एक पत्रकार के भी संपर्क में था और अक्सर उससे बातचीत करता था। इसके प्रमाण भी ऑडियो क्लिप के तौर पर राशिद के मोबाइल से मिले हैं। राशिद ने बताया कि जब वह 2018 में कराची गया था, तभी पाकिस्तानी पत्रकार से उसकी मुलाकात हुई थी।
मगर, पत्रकार ने कोई गोपनीय सूचना, फोटो या वीडियो उससे नहीं मांगे। यह बात जरूर थी कि पाकिस्तानी पत्रकार प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय होने के कारण बनारस और प्रदेश व देश में होने वाली बड़ी घटना-दुर्घटना के साथ माहौल और बाजार आदि के बारे में सामान्य तौर पर पूछता रहता था।
राशिद को जब लगने लगा कि कराची में रहने वाली उसकी प्रेमिका अनम से निकाह नहीं हो पाएगा तो उसने उससे बातचीत करनी लगभग बंद कर दी थी। इस बीच मुंबई आने-जाने के दौरान वहां की एक युवती से उसे प्यार हो गया। हालांकि मौजूदा समय में इस युवती से भी उसकी बातचीत न के बराबर होती थी।
राशिद को जब एटीएस सहित अन्य एजेंसियों ने बताया कि देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होकर उसने अक्षम्य गलती की है और उसे कठोर सजा हो सकती है। इस पर उसका कहना था कि बचपन में ही उसके मां-बाप का तलाक हो गया था। फिर दोनों ने दूसरा निकाह कर लिया।
उस पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसने आठवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उसे जब जो उचित लगा, वह वैसा करता चला गया। यदि उसे किसी ने अच्छी बातें बताई होतीं तो शायद वह ऐसी बड़ी गलती कभी नहीं करता। अब जब वह जेल से छूटेगा तो नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करेगा। अब वह कभी पाकिस्तान नहीं जाएगा।