आजमगढ़ के बाद अब अब बनारस से आतंकी संगठन आईएसआईएस के सदस्य की गिरफ्तारी ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बनारस समेत पूर्वांचल भर में नापाक मंसूबे वाले स्लीपर सेल की सक्रियता बढ़ गई है। इस बात से अब सुरक्षा एजेंसियां इनकार नहीं कर रही हैं। खौफ वाली बात यह है कि गिरफ्तार सदस्य खतरनाक विस्फोटक आईईडी बनाने की ट्रेनिंग ले रहे थे। अफगानिस्तान में बैठे अपने आकाओं के जरिए तबाही और दहशत मचाना उनका मंसूबा था।
अब सुरक्षा एजेंसियां स्पीलर सेल आदि से जुड़े तार खंगालने में जुट गई हैं। बुधवार को गिरफ्तार इंजीनियरिंग छात्र बासित कलाम सिद्दीकी के मोबाइल, लैपटॉप और पेन ड्राइव सहित अन्य दस्तावेज को जब एनआईए ने कब्जे में लिया तो उसे देख टीम भी चकरा गई। टेलीग्राम ग्रुप से विशेष समुदाय के कई युवाओं को वह जोड़ रखा था, जिसके जरिए आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण दे रहा था। इसमें एनआईए यह खंगाल रही है कि उक्त टेलीग्राम ग्रुपों से कितने लोग और कहां-कहां के रहने वाले युवा जुड़े हैं।