धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता।
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सपा के पूर्व विधायक और प्रवक्ता ने उठाया सवाल
मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और पार्टी प्रवक्ता मनोज काका ने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण ही यह हादसा हुआ है। वहीं बनौली खुर्द के पूर्व प्रधान नागेंद्र सिंह और वर्तमान प्रधान आशुतोष यादव ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था और कार्य पूरी तरह मानकों के विपरीत हो रहा था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अभियंता की मौजूदगी के ढांचा खड़ा करने और ढलाई का कार्य कराया जा रहा था, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि ने आरोपों को नकारा
कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि प्रदीप ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरा निर्माण कार्य सहारे के ढांचे (सटरिंग) पर हो रहा था। उन्होंने बताया कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण स्लैब नीचे आ गया। सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने को उन्होंने गलत बताया और कहा कि मौके पर मौजूद सीमेंट और सरिया की जांच कराई जा सकती है, सभी सामग्री मानक के अनुरूप है।
मजदूरों व जनता के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार: बाबूलाल
भ्रष्टाचार का उदाहरण है धराशाही हुआ पुल। मजदूरों व आम जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है सरकार। उक्त बातें सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव ने बृहस्पतिवार को बर्थरा खुर्द में निर्माणाधीन पुल के धराशाही होने पर कहीं। आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग और बीम की कमजोर गुणवत्ता के कारण यह हादसा हुआ है।
घटना के समय मौके पर सेतु निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कार्य की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों से पता चला कि ठेकेदार सत्ता पक्ष से जुड़ा प्रभावशाही व्यक्ति है। जिसके चलते काम में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। वहीं, रेलवे द्वारा कराए गए कार्य की गुणवत्ता की तुलना में सेतु निगम के काम को लेकर भी लोगों में असंतोष देखा गया। जिला प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करते हैं।
प्रारंभिक जांच में सहारे के ढांचे के नीचे की जमीन धंसने से संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है, जिसके चलते स्लैब गिर गया। उन्होंने कहा कि दोनों मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। - विजय बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष, चंदौली
सदर तहसील क्षेत्र के बनौली खुर्द गांव में निर्माणाधीन रेलवे उपरिगामी पुल के स्लैब गिरने की सूचना पर प्रशासन हरकत में आ गया। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और हालात का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राहत की बात बताते हुए कहा कि घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। पुल का निर्माण कार्य सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है, जहां कार्य के दौरान ही यह क्षति हुई। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी चिंताएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।