Varanasi News: ओखा द्वारका एक्सप्रेस के जनरल कोच में दो युवकों को आरपीएफ की टीम ने पकड़ा। छह नाबालिक बच्चों को लेकर जा रहे थे, इनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं। आरपीएफ ने सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया।
ओखा द्वारका एक्सप्रेस से मंगलवार को गुजरात ले जाए जा रहे छह नाबालिग बच्चों को कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ने दो युवकों को पकड़ा। बच्चों को स्टेशन पर उतरवाया। बच्चे असम के रहने वाले हैं। इसमें दो बच्चियां शामिल हैं। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनसे काम करवाने के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। आरपीएफ ने सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। आरोपियों में असम के चिराग जिला निवासी प्रोफुल्ल वर्मन (31) और असम के बारपेटा के मानिक वर्मन (20) ने भी पूछताछ में काम कराने की बात कबूली।
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कैंट स्टेशन पर आरपीएफ कैंट इंस्पेक्टर संदीप यादव को सूचना मिली कि कुछ बच्चों को काम करवाने के उद्देश्य से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ट्रेन से गुजरात ले जाया जा रहा है। सूचना पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम, आरपीएफ की सीआईबी और बचपन बचाओ अभियान की सहायक परियोजना अधिकारी चंद गुप्ता की टीम ने चेकिंग की।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय से इस ट्रेन को चेक किया गया तो पिछले हिस्से में सामान्य कोच में 6 नाबालिग बच्चे डरे सहमे हालत में दो युवकों के साथ बैठे मिले। पूछताछ में पता चला कि सभी बच्चों को असम से गुजरात में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।