घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद में 10 लोगों की हत्या की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को घटनास्थल का जायजा लिया। टीम ने मृतकों के परिजनों के बयान भी दर्ज किए। टीम घोरावल तहसील के कर्मचारियों से आदर्श कृषि सहकारी समिति से जुड़ी पत्रावलियों की फोटो कॉपी लेकर अध्ययन कर रही है। इससे कई राजस्व कर्मियों की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है।
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जिले में पिछले चार दिनों से एसआईटी के डीआईजी जे रविंद्र गौड़ और एएसपी अमृता मिश्रा की अगुवाई में टीम उभ्भा हत्याकांड की जांच कर रही है। बुधवार को इंस्पेक्टर विनोद तिवारी टीम के अन्य सदस्यों के साथ उभ्भा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर घटना के बारे में जानकारी ली। टीम ने कुछ के बयान भी दर्ज किए। टीम ने पीड़ितों से पूछा कि जिस भूमि के लिए विवाद हुआ है, उस पर वे कब से काबिज है। घटना वाले दिन किसने, कितने बजे पुलिस समेत अन्य अधिकारियों को सूचना दी थी और वे लोग कब पहुंचे थे।
पूछताछ करने के बाद टीम ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। हालांकि पिछली बार भी एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उधर, इससे पहले मंगलवार शाम तक चुर्क गेस्ट हाउस में एसआईटी के डीआईजी ने घोरावल तहसील के कई कर्मियों से समिति के गठन, सदस्य, इसके निष्क्रिय होने के बारे में पूछताछ की। बता दें कि उभ्भाकांड को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में सहायक भूलेख अधिकारी राजकुमार समेत 28 के खिलाफ दर्ज मुकदमे की एसआईटी विवेचना कर रही है।
प्रधान के घर वालों से पूछताछ
उभ्भा कांड की जांच के सिलसिले में एसआईटी का एक सदस्य बुधवार को मूर्तिया ग्राम पंचायत के सपही गांव पहुंचा। वहां उभ्भा कांड के आरोपी ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह के सपही स्थित आवास पर पहुंचकर जांच की। एसआईटी के सदस्य ने ग्राम प्रधान के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। उनसे जमीन संबंधी कागजात मांगे और उसकी जांच पड़ताल की।