नगर निगम के अधिकारी जनसमस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं, इसकी पोल खुल गई। गुरुवार को जिलाधिकारी विजय किरन आनंद अचानक नगर निगम पहुंच गए। वहां मौके पर नगर आयुक्त से लेकर उनके नीचे तक कोई अफसर कार्यालय में नहीं मिला। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारियों से पता चला कि नगर आयुक्त कभी-कभी कार्यालय आते हैं। नाराज डीएम ने नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश कुमार से जवाब तलब किया है और शासन को भी अवगत कराया।
डीएम ने नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को फोन पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वे सुबह 7:40 बजे नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। पिछले दिनों रात्रि में निरीक्षण के दौरान महमूरगंज के निरालानगर, शिवपुरवा, आदर्शनगर, अन्नपूर्णा नगर में चोक सीवर और सफाई अब तक ठीक नहीं होने पर जलकल के महाप्रबंधक और ठेकेदार प्रमोद श्रीवास्तव को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। पितरकुंडा से कालीमहल और अंधरापुल से चौकाघाट मार्ग के संपर्क मार्ग की सड़कों की जांच के लिए बीएचयू भेज दिया। अंधरापुल से चौकाघाट लिंक मार्ग के टेेंडर पर भी सवाल खड़ा किया। चेताया कि काम सही नहीं हुआ तो भुगतान रोक दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कालीमहाल में बहते सीवर को ठीक कराने और पितरकुंडा तालाब के जीर्णोद्धार के लिये इस्टीमेट बनाने का निर्देश दिया। क्षेत्रीय नागरिकों ने दशवाघाट कुएं पर हुए अतिक्रमण की शिकायत की। डीएम ने भरोसा दिलाया कि इसकी जांच कराकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।