यह एक बड़ी गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की चाल है और यह एक तरह का वोट जेहाद है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश हैं।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वोटिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करना है। इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रेसवार्ता के बाद राज्यमंत्री ने जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार से मुलाकात कर उन्हें वोटों की सूची सौंपी और प्रत्येक बूथ की जांच करने की मांग की। इस दौरान भाजपा एमएलसी और जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा भी मौजूद रहे। एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी के लिए उन्होंने कहा कि यह सब उन्हीं की पार्टी का खेला है।
1.10 लाख लोगों के नाम कटने के बाद मुझे जो सूची मिली, उसकी जांच मैंने 40 लोगों की टीम बनाकर कराई। उन्होंने 20 दिनों तक लगातार जांच की और ऐसे नाम निकाले जिनके नाम, उम्र, पिता, पति का नाम और पता सब एक ही निकल रहा था। उन नामों को अलग करवाकर घरों में सत्यापन कराया तो ये डुप्लीकेट नाम सामने आए हैं। मैंने जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच कराने और ऐसे सभी मतदाताओं को आधार से मैच कराने की मांग रखी है। - रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री
कुछ बूथों के उदाहरण भी दिए
राज्यमंत्री ने बताया कि उनकी विधानसभा में बूथ संख्या 168 पर डुप्लीकेट मतदाता 46, बूथ संख्या 239 पर 102, बूथ संख्या 240 पर 63, बूथ संख्या 241 पर 26, बूथ संख्या 242 पर 101, बूथ संख्या 243 पर 12, बूथ संख्या 244 पर 59 और बूथ संख्या 245 पर 4 वोट मिले हैं। इसी तरह अन्य बूथों पर 9,200 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए हैं।
डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर आपत्तियां आती हैं और उनका निस्तारण कराया जाता है। राज्यमंत्री ने कुछ बूथों के नाम के साथ पत्र सौंपे हैं, जिसमें एक-एक बूथ पर कई नाम हैं। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कराई जाएगी और जांच के बाद ही हम कुछ कह सकते हैं। - सत्येंद्र कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी