विधानसभा चुनाव के छठे चरण में चार मार्च को होने वाले मतदान को लेकर प्रत्याशी व उनके समर्थकों ने अंतिम समय में पूरी ताकत लगा दी है। हालांकि आयोग के नियमों के मुताबिक गुरुवार की शाम को ही प्रचार का दौर समाप्त हो गया लेकिन ‘साइलेंट वार’ के तहत प्रत्याशी व उनके समर्थक मतदाताओं को सहेजने में जुटे रहे।
करीब 12 दिनों तक प्रचार के बाद अब प्रत्याशियों ने मतदाताओं को सहेजने में अंतिम तौर पर पूरी ताकत लगा दी है। शुक्रवार की रात प्रत्याशियों के लिए ‘कत्ल की रात’ साबित होगी। इसको लेकर प्रत्याशियों की ओर से समर्थकों को भी अलर्ट किया जा रहा है। छठे चरण में कल पूर्वांचल के भी तीन जिलों आजमगढ़,बलिया और मऊ में चुनाव होना है।
विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को शाम होते-होते बूथों पर पोलिंग पार्टियां पहुंच गयीं। कुछ पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि सहेजे गए मतदाताओं को कोई भ्रमित न कर सके, इसके लिए वह समर्थकों को भी अलर्ट कर रहे हैं।
हालांकि प्रचार समाप्त होते ही प्रचार वाहनों के परमीशन भी समाप्त कर दिए गए हैं लिहाजा वह समर्थकों के वाहनों के भरोसे ही गांवों में जोर लगाए हुए हैं। शुक्रवार की रात प्रत्याशी व समर्थकों के लिए चुनौती भरा है।
इसके अलावा विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों की ओर से मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता पर्ची को भी डोर-टू-डोर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से भी गांवों में हो रही गतिविधियों पर नजर रखने का इंतजाम किया गया है ताकि कोई भी प्रत्याशी या उनके समर्थक किसी मतदाता को प्रलोभन न दे सके।