साहित्यिक और आध्यात्मिक संस्था भारत भारती परिषद की ओर से बृहस्पतिवार को गाजे-बाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकली। इसी के साथ आसभैरव स्थित अग्रवाल भवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई।
चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में श्रीमुकुंद गोपाल प्रभु के मंगला दर्शन के साथ शोभायात्रा निकाली गई। 108 महिलाएं सिर पर कलश लिए मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं। बैंडबाजे और शहनाई की धुन के साथ श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी... भजन का पाठ हो रहा था। श्रवण अग्रवाल भागवत की पोशी को मस्तक पर लिए थे। संस्था के अध्यक्ष अशोक वल्लभदास के नेतृत्व में आचार्य दिलीप शास्त्री, पं. अंबुज कृष्ण शास्त्री, राजीवन द्रविड, राकेश तिवारी, गौरव अग्रवाल भजन-कीर्तन करते चल रहे थे। यात्रा कथा स्थल पहुंची, जहां दोपहर में भागवत कथा शुरू हुई। आचार्य दिलीप शास्त्री ने काशी के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ की नगरी में भागवत कथा का श्रवण करना जीवन बंधन से मुक्ति का मार्ग खोलता है। भागवत जीवन जीने की कला सिखाती है। शोभायात्रा में डाॅ. मीना रानी, डॉ. भूमिका गर्ग, डाॅ. रचना अग्रवाल, पूजा रस्तोगी, पं. सिद्ध प्रसाद पांडेय, ऋषभ जायसवाल आदि शामिल रहे।