हंसराज रघुवंशी के सुरों में मेरा भोला है भंडारी है करे नंदी की सवारी भोले नाथ रे... की सुरसरिता गंगा गोमती के संगम तट पर प्रवाहमान हुई। हंसराज की आवाज में भगवान शिव के भजनों का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। रात 10 बजे ठंड के बावजूद कार्यक्रम स्थल श्रोताओं से भरा हुआ था। पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज रहा था।
शनिवार को श्री मार्कंडेय महादेव महोत्सव में रात 10 बजे हंसराज रघुवंशी ने मंच संभाला तो श्रोताओं ने भी हर-हर महादेव के जयकारे से उनका स्वागत किया। इसके बाद हंसराज ने शिव भजनों की शुरुआत मेरा भोला है भंडारी...से की। पंडाल और पंडाल के बाहर झूमते हुए श्रोता भी सुर से सुर मिला रहे थे।
हंसराज रघुवंशी ने अपने भजन जय शिव शंकर...से ऐसा समा बांधा मानो आदिदेव महादेव का हर किसी ने साक्षात्कार कर लिया हो। इसके बाद शिव समा रहे मुझमें और मैं शून्य हो रहा हूं... ने श्रोताओं को शांति का अहसास कराया। इसके बाद ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने..., मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, राम आएंगे... सुनाकर पूरे माहौल को शिव के साथ ही राममय भी कर दिया। पूरा पंडाल जय श्रीराम जय जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा।
इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत रामजन्म योगी के शंखध्वनि से हुई। संत भवानी नंदन यति महाराज ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
महोत्सव में शिव भक्ति की असीम उर्जा में मंच पर पहली प्रस्तुति देने आईं नृत्यांगना डॉ. रंजना उपाध्याय ने देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे, शंकर मौलि बिहारी तरंगें के बोल पर... पैरों की लयकारी की कला को प्रदर्शित किया। समूह नृत्य में श्रीराम की स्तुति नमामि भक्त वत्सलम कृपालु शील कोमलम... पर कलाकारों ने लोगों को तालियां बजाने पर विवश कर दिया। इसके बाद राघवेंद्र शर्मा के भजनों की प्रस्तुति की शुरुआत हे शंभु तिहारी इच्छा से द्वार तिहारे आया... गाकर शिव के दरबार में हाजिरी लगाई।
उड़ती चिरैया से कहलि कौशल्या... और जितना दिया सरकार ने मुझको... गाकर श्रोताओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। केंद्रीय मंत्री डाॅ. महेंद्र नाथ पांडेय सपरिवार देर रात कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इस दौरान व्यवस्था में सर्वेश कुशवाहा, राम प्रकाश दुबे, अभिमन्यु सिंह, श्रीनिकेतन मिश्र आदि ने सहयोग किया।
गाने का शौक पूरा करने के लिए कॉलेज की कैंटीन में भी किया काम
गायक हंसराज रघुवंशी ने कहा कि मेरा भोला है भंडारी...ने ही मुझे युवा दिलों की धड़कन बना दिया। आज जहां भी जाता हूं तो मेरे चाहने वाले मुझे इसी गाने से पहचानते हैं। पढ़ाई में मन नहीं लगता था, यही वजह थी कि चार बार एक ही कक्षा में फेल हुआ।
शनिवार को श्री मार्कंडेय महादेव महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे हंसराज ने अपनी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं का जिक्र किया। हंसराज ने बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं थी। गाने के शौक के लिए पैसों की जरूरत थी। इसलिए जिस काॅलेज में नामांकन था, उसी काॅलेज की कैंटीन में काम शुरू कर दिया।
बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन
हंसराज रघुवंशी ने देर शाम श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। शाम को मंदिर में हंसराज रघुवंशी को अपने बीच पाकर उनके प्रशंसकों के चेहरे भी खिल उठे।