ट्रस्ट सचिव के अनुसार मंदिर परिसर में करीब 25 लोग अवैध रूप से निवास कर रहे थे। इनमें से कई लोगों ने मकान बनाकर उन्हें किराये पर दे रखा है और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से परिसर खाली नहीं कर रहे हैं। हालांकि कुछ परिवार वास्तव में जरूरतमंद हैं, जिनकी सहायता के लिए न्यास पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके रहने और भोजन की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यास अध्यक्ष ब्रजेश सिंह के संबंध में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं लोगों के बीच जाकर सहयोग की अपील की थी। साथ ही कहा कि मंगलवार को कचहरी पहुंचकर विरोध जताने वाले लोगों में कोई भी अधिकृत पुजारी या सेवायत नहीं था। न्यास ने पुनर्विकास कार्य को लेकर सभी अफवाहों को निराधार बताया है।