वाराणसी। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच बाजारों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत हो गई है। जल्द इसकी कमी को पूरा नहीं किया गया तो कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज में संकट का सामना करना पड़ सकता है। जिले में 5422 एक्टिव मरीज हैं। कोविड अस्पतालों में 250 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इंजेक्शन की मांग भी बढ़ गई है। हालात यह हैं कि सप्तसागर दवा मंडी, लंका, महमूरगंज सहित कई दुकानों पर इंजेक्शन नहीं मिल रहे। केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खन्ना ने बताया कि एक सप्ताह से इंजेक्शन की मांग बढ़ी है। कंपनियों की ओर से आपूर्ति न होने के कारण इंजेक्शन का संकट है।
अचानक इंजेक्शन की बढ़ी मांग और आपूर्ति की कमी की वजह से संकट खड़ा हो गया है। कई कंपनियों से बात चल रही है। दो-तीन दिन में इंजेक्शन मिलने की संभावना है। - सौरभ दूबे, ड्रग इंस्पेक्टर
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी की वजह से थोड़ी परेशानी हो रही है। शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। जल्द ही इंजेक्शन मिल जाएगी। कोविड अस्पताल में डॉक्टरों की सलाह पर ही मरीजों को इंजेक्शन दिए जाते हैं। कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी।
-डॉक्टर एनपी सिंह, प्रभारी सीएमओ
रेमडेसिविर इंजेक्शन एक एंटी वायरल ड्रग है। विशेष परिस्थितियों में कोविड संक्रमित मरीजों को इसे दिया जाता है। इमरजेंसी डब्ल्यूएचओ ने इसे डॉक्टर की सलाह पर लगाने की अनुमति दी है।
-प्रो. केके गुप्ता, कोविड नोडल प्रभारी, बीएचयू