शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के अभियान को नगर निगम और पुलिस की सुस्ती से पलीता लग सकता है। एक तरफ डीएम की सख्ती पर नगर निगम और प्रशासन की टीम ने सोमवार से शनिवार तक ताबड़तोड़ अभियान चलाकर सड़क-पटरियों और नाले-नालियों से सैकड़ों स्थाई-अस्थाई अतिक्रमण ढहाए, वहीं दूसरी ओर उन स्थानों पर निगरानी न होने से फिर हालात लगभग पहले जैसे ही हो गए हैं। पटरियों से सड़क दूकानें लग गईं और नाले-नालियों पर फिर कब्जा कर लिया गया। इतना ही नहीं, टाउनहाल गेट के पास तोड़े गए होटल का मलबा भी अब तक नहीं हटाया जा सका है।
मैदागिन से विशेश्वरगंज, बुलानाला हो या फिर गोदौलिया से गिरजाघर, लक्सा और गुरुबाग। हर जगह फिर से दूकानें काबिज हो गईं। जहां कार्रवाई की जा रही है, वहां दोबारा अतिक्रमण न होने पाए, इसकी निगरानी की भी जरूरत नहीं समझी जा रही है। मैदागिन में मलबा न हटाए जाने के बारे में एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय का कहना है कि उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया है। अब तक मलबा क्यों नहीं हटाया गया, इस बारे में उनसे जवाब तलब किया गया है। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।