मुरादचक निवासी सूरज कुमार ने बताया कि पिता सुरेंद्र कश्यप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर के पास गुमटी रखकर पान बेचते थे। जबकि मुरादचक गांव स्थित घर पर किराना की छोटी दुकान है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग ने बिल का करीब 1.12 लाख बकाया दिखाकर वसूली के तहसील में भेजा था।
करीब नौ माह पूर्व आरसी काटी थी। तहसील के एक द्वारा उसकी वसूली की जा रही थी। मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क देने पर राहत दे दी जाती थी, लेकिन पैसा ना देने पर पिता को तंग किया जाता था। मृतक की पत्नी शांति देवी ने बताया कि इससे पति की मानसिक हालत ठीक नहीं थी।
बिजली के बकाया भुगतान के लिए वह चिंतित रहते थे। बताया कि रात में ठीक से उन्होंने खाना भी नहीं खाया। किसी को जानकारी नहीं हुई, उन्होंने कब विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पत्नी शांति देवी ने बताया कि पति के पास मिले कागज के टुकड़ों पर भी उन्होंने लिखा था कि हम बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर अभी नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वैसे मामले की छानबीन की जा रही है। ।
बिजली का 1.12 लाख बकाया था, वसूली के लिए तहसील में आरसी भेजी गई थी। इसकी वसूली करने अमीन जाते थे। बिजली विभाग पर प्रताड़ित करने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। - सुधाकर, अधिशासी अभियंता सैदपुर