अगल-अलग अस्पतालों में अलग-अलग शुल्क
खास बात यह है कि एक ही तरह की सुविधा के लिए अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग शुल्क दरें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, सड़क दुर्घटना में हड्डी टूटने पर प्लास्टर के लिए 250 रुपये से लेकर 400 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
प्राइवेट वार्ड की सुविधाओं पर सवाल
सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध प्राइवेट वार्डों की सुविधाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में जहां प्राइवेट वार्ड के लिए 400 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जा रहा है, वहां एसी की सुविधा के बावजूद आधे से अधिक कमरों में एसी काम नहीं कर रहा है। वहीं, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में 160 रुपये प्रतिदिन शुल्क वाले प्राइवेट वार्ड में एसी के बजाय केवल कूलर की व्यवस्था है। महिला अस्पताल में फिलहाल कोई प्राइवेट वार्ड नहीं है, लेकिन अन्य सर्जरी के लिए माइनर सर्जरी पर 68 रुपये और मेजर सर्जरी पर 400 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है।
विभिन्न अस्पतालों में विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क
- सेवा मंडलीय अस्पताल जिला अस्पताल महिला अस्पताल
- प्लास्टर 250/400 रुपये 268 रुपये
- सर्जरी (माइनर) 50 रुपये 68 रुपये 68 रुपये
- सर्जरी (मेजर) 250 रुपये 400 रुपये 400 रुपये
- प्राइवेट वार्ड 160 रुपये/दिन 400 रुपये/दिन लागू नहीं
- ईसीजी 50 रुपये 50 रुपये
- फिजियोथेरेपी निशुल्क 50 रुपये
सरकारी अस्पतालों में प्लास्टर, सर्जरी, प्राइवेट वार्ड आदि के लिए फीस का निर्धारण किस नियमावली से किया गया है। अलग-अलग फीस क्यों हैं। इस बारे में अस्पतालों के सीएमएस/एसआईसी के साथ बैठकर बात की जाएगी। अगर शासन की ओर से फीस का निर्धारण है तो सभी जगहों पर एक ही फीस लिया जाए, इसको सुनिश्चित कराने के लिए शासन के निर्देशानुसार पहल की जाएगी। -डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य