अतिक्रमण के खिलाफ भी दिए निर्देश
अतिक्रमण और जाम हटाने में सफल न रहने वाले थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज भी अपने पद पर नहीं रह पाएंगे। सड़कों और फुटपाथ पर दुकान, वाहन और अन्य किसी प्रकार का अतिक्रमण कतई न हो। हाईवे पर खड़े वाहन दुर्घटना के कारण न हों। ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई हो। ट्रैफिक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग हो। अधिक जाम लगने वाले क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की तैनाती की जाए। ट्रैफिक फ्लो को बेहतर करने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि सभी थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी रात में गश्त जरूर करें। मुख्यालय और जोन स्तर पर राजपत्रित अधिकारियों द्वारा चेकिंग कराई जा रही है। थानों पर नियुक्त पुलिस बल का एक-तिहाई रात्रि गश्त और पिकेट ड्यूटी में लगाया जाए। आईजीआरएस से प्राप्त होने वाले शिकायत का पूरी संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। एक वर्ष से लंबित विवेचना का अभियान चलाकर निस्तारण कराएं।
चार नई पर्यटक चौकियां बनाई गईं : पुलिस आयुक्त ने कहा कि काशी आने वाले पर्यटकों के मार्गदर्शन और सहायता के लिए चार नई स्थाई पर्यटक पुलिस चौकियां बनाई जा रही हैं। यह पर्यटक चौकियां काल भैरव मंदिर व नमोघाट, श्री काशी विश्वनाथ धाम व दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट व सारनाथ क्षेत्र में होंगी। इनका पर्यवेक्षण एडीसीपी क्राइम करेंगी। इसके अलावा सारनाथ पर्यटक थाना पहले से ही है।
पुलिस लाइन सभागार में सीपी को सुनते हुए।
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अस्थायी रूप से बसे लोगों का हो वेरिफिकेशन
पुलिस आयुक्त ने कहा कि महाकुंभ के मद्देनजर सड़कों के किनारे और खुले स्थानों पर अस्थायी रूप से बसे लोगों का थानाध्यक्ष वेरिफिकेशन कराएं। होटल, ढाबा, सराय, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते से लगातार चेकिंग कराएं।
सीसी कैमरे न लगवाने वालों को दें नोटिस
पुलिस आयुक्त ने कहा कि सड़क किनारे जिनकी भी दुकान और मकान हैं और वह सीसी कैमरे न लगवाएं तो उन्हें नोटिस जारी किया जाए। आमजन और व्यापारियों को सीसी कैमरों से होने वाले लाभ के बारे में बताया जाए। सीसी कैमरों को कंट्रोल रूम से लिंक कराया जाए।
विश्वनाथ धाम में तैनात 104 सिपाहियों का तबादला
श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 104 महिला और पुरुष सिपाहियों का तबादला कर दिया गया है। सिपाहियों को कमिश्नरेट की पुलिस लाइंस के साथअलग-अलग थानों में तैनाती दी गई है। स्थानांतरण संबंधी यह आदेश संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) डॉ. के एजिलरसन ने सभी 104 सिपाहियों की तैनाती की समयावधि पूरी होने पर जारी किया है। सामान्य तौर पर सिविल पुलिस के सिपाही लगभग दो वर्ष के लिए विश्वनाथ धाम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात रहते हैं।