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अब रात में भी वाराणसी से हल्दिया के बीच चलेंगे जलपोत, जानें कब होगी शुरुआत

Mon, 19 Aug 2019 03:46 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयंत चतुर्वेदी
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वाराणसी से हल्दिया के बीच चल सकेंगे जलपोत। - फोटो : अमर उजाला
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हल्दिया और वाराणसी के बीच रात में भी जलपोतों का आवागमन हो सकेगा। इसके लिए रिवर इंफार्मेशन सिस्टम के साथ ही नाइट नेविगेशन सिस्टम का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। हल्दिया से पटना तक साल के अंत तक यह व्यवस्था काम करना शुरू कर देगी, जबकि वाराणसी से पटना के बीच अगले साल रात में जलपोतों का आवागमन शुरू होगा।

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अभी नदी में केवल दिन में ही जलपोत चल सकते हैं। इसके चलते वाराणसी से कोलकाता की दूरी तय करने में छह से नौ दिन लग जाते हैं। रात में भी जलपोतों का संचालन हो सके, इसके लिए नाइट नेविगेशन सिस्टम स्थापित किया जाना है।

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पटना से वाराणसी के बीच चार बेस स्टेशन और एक कंट्रोल स्टेशन बनाया जाएगा। इससे यह दूरी तीन से चार दिन में ही तय हो सकेगी। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) इस पर काम कर रही है। हल्दिया से पटना के बीच दिसंबर तक नाइट नेविगेशन सिस्टम का काम पूरा हो जाएगा।

वाराणसी से पटना के बीच भी इस पर जल्द काम शुरू करने की तैयारी है। इस मार्ग को डिजिटल पोजिशनिंग सिस्टम से भी जोड़ने की तैयारी है, ताकि जलपोतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी किसी भी समय की जा सके।

कई राज्यों और शहरों को जोड़ता है यह वाटरवे :
नेशनल वाटरवेज-1 पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, पटना, हावड़ा, कोलकाता, हल्दिया को जलमार्ग से जोड़ता है। विश्व बैंक की मदद से तैयार हो रहे वाराणसी और हल्दिया के बीच जलमार्ग से 2000 टन तक वजन ले जाने वाले जलपोतों के संचालन की योजना है। पटना तक अभी इसका ट्रायल रन भी हो चुका है। महत्वपूर्ण नोडल प्वाइंट पर लॉजिस्टिक हब भी बनाए जा रहे हैं।

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कुछ खास बातें :
  • फरक्का, साहिबगंज, हल्दिया, वाराणसी में बनाया जा रहा मल्टी मॉडल टर्मिनल
  • हल्दिया से फरक्का तक सात बेस, दो कंट्रोल, 30 बेस स्टेशन बनाए जाने हैं।
  • फरक्का से पटना तक छह बेस और एक कंट्रोल स्टेशन बनेगा।
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