वाराणसी। सब कुछ ठीक रहा तो दो से ढाई माह बाद गंगा की लहरों पर एक साथ तीन क्रूज चलते दिखेंगे। फिलहाल, दो क्रूज वाराणसी में है तो तीसरा डबल स्टोरी क्रूज नवंबर तक पहुंच जाएगा। यह क्रूज गोवा शिपिंग यार्ड में बनकर तैयार है। कोरोना के चलते इसकी सेलिंग रोक दी गई है।
काशी में पर्यटन को बढ़ावा देने को गंगा की लहरों पर चलने वाले डबल स्टोरी क्रूज को रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित गोवा शिपिंग यार्ड ने 10 करोड़ की लागत से तैयार किया है। पर्यटन अधिकारियों के अनुसार अभी क्रूज गोवा में ही है। नवंबर तक के लिए पर्यटकों को इंतजार करना पड़ेगा। 10 करोड़ी क्रूज में लगभग 100 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है। इसमें एक मंजिल वातानुकूलित और ऊपरी मंजिल खुली होगी। पर्यटन विभाग की ओर से क्रूज संचालन के लिए 10.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके लिए कई बार टेंडर के बाद भी कंपनियों के आगे न आने पर इसकी जिम्मेदारी गोवा शिपिंग यार्ड को दी गई थी। अस्सी से राजघाट के बीच चलेगा क्रूज पर्यटन विभाग के अनुसार क्रूज का संचालन अस्सी से राजघाट के बीच किया जाएगा। क्रूज में सवार होने के लिए टिकट दर का निर्धारण अभी तय किया जाना है। इस क्रूज में पर्यटक बनारसी खानपान का लुत्फ भी ले सकेंगे।
गंगा में अभी तक अलकनंदा क्रूज का संचालन राजघाट से रामनगर के बीच किया जा रहा है। इसके अलावा भी कुछ दिन पहले पटना से रो-पास विवेकानंद क्रूज भी वाराणसी पहुंच चुका है। जिला प्रशासन की देखरेख में इसका संचालन किया जाना है। यह एक खास तरह का क्रूज है, जिससे माल की लोडिंग व अनलोडिंग भी की जा सकती है। आसपास जनपदों में व्यापारिक गतिवधियों व पर्यटन के लिहाज से काफी सहूलियत भरा है।
गोवा शिपिंग यार्ड में एक क्रूज बनकर तैयार है। कोरोना के चलते और सेलिंग को लेकर अभी क्रूज के काशी आने में दो से ढाई माह का वक्त लगेगा। मान कर चलिए कि नवंबर तक क्रूज वाराणसी आ जाएगा। - कीर्तिमान श्रीवास्तव, पर्यटन अधिकारी